नंदा सप्तमी पड़ रही इस दिन, भगवान गणेश की होती है पूजा, पढ़िये
जैसा कि हर बार की तरह इस बार भी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को नंदा सप्तमी के रुप में मनाने की परंपरा चलती चली आ रही है। क्या आपको ये पता है कि नंदा सप्तमी के दिन भगवान गणेश, सूर्यदेवता मां नंदा की विशेष रूप से पूजा की जाती है। वहीं, इस दिन मान्यता है कि इस दिन आप भगवान गणेश की जितनी पूजा करेंगे, उससे आपको दिव्य ज्ञान की प्राप्ति होगी। वहीं इसके अलावा इस दिन दान देने का बी विशेष महत्त्व है। तो आइये जानते है कि कब है नंदा सप्तमी, क्या है महत्व।
यहा है शुभ मुहूर्त
जानकारी के लिए बता दें कि नंदा सप्तमी दिनांक 30 नवंबर 2022 दिन बुधवार के दिन पड़ रही है। इसका शुब मुहूर्त सुबह 11:04 मिनट से लेकर अगले दिन सुबह 08:58 मिनट तक रहेगा। इस दिन सूर्य देवता को विशेष रूप से जल अर्पित करें। जो अच्छा माना जाता है।
सभी रोंगो से मिलती है मुक्ति
हालांकि, नंदा सप्तमी के दिन मान्यता है कि भगवान सूर्य की उपासना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है सारे रोगों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन सुर्य देवता को अर्घ्य देने से आत्मविश्वास आयु में बढ़ोतरी होती है।
सूर्य भगवान को जल करें अर्पित
सबसे पहले इस दिन पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें सूर्य देवता को जल अर्पित करें। फिर इसके बाद भगवान सूर्य को तांबे के लोटे में फूल, चंदन अक्षत डालकर ‘ऊँ घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जापकर सूर्य देवता को जल अर्पित करें। बता दें कि इस दिन अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो भगवान गणेश का विशेष रुप से पूजा करें। इस दिन जरुरतमंदों को दान अवश्य करें नमक भूलकर भी ना खाएं। घर की सुख-शांति बनाए रखने के लिए इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा जरुर सुनें। जिससे भगवान सभी मनोकामना पूरी करते है।

